बैसला में झोलाछाप डॉक्टर के फर्जी अस्पताल पर प्रशासन का डंडा, जिला कलेक्टर के निर्देश पर हुई बड़ी कार्रवाई...
प्रशासनिक
मुकेश राठौर रामपुरा
Updated : May 01, 2026 01:22 PM
रामपुरा :- जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीम ने बैसला क्षेत्र में लंबे समय से संचालित एक फर्जी चिकित्सालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। (मस्से) के इलाज के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूलने वाले इस झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की थी।
लाखों की लूट और गंदगी का साम्राज्य - यह कथित डॉक्टर लोगों के मस्सों का ऑपरेशन करने के लिए खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल करता था और इलाज के नाम पर भारी-भरकम राशि वसूलता था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि डॉक्टर इलाज के बाद निकलने वाले मेडिकल कचरे और सामग्री को खुलेआम पास के जंगलों में फेंक देता था, जिससे पर्यावरण और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा था।
पैसों के दम पर दोबारा शुरू कर देता था धंधा - हैरानी की बात यह है कि इस फर्जी अस्पताल पर पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन आरोप है कि यह झोलाछाप डॉक्टर अपने रसूख और धन के दम पर बार-बार अपना अवैध क्लीनिक फिर से शुरू कर लेता था। चर्चा है कि फर्जी तरीके से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर इसने बैसला क्षेत्र में करीब 150 से 200 बीघा जमीन और अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है।
कलेक्टर की सख्ती से मचा हड़कंप - जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को जब इस जालसाजी और जंगलों में मेडिकल वेस्ट फेंकने की शिकायत मिली, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। उनके आदेश पर आज स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल को सील कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।प्रशासन अब इस मामले में डॉक्टर की अवैध संपत्ति और लाइसेंस की भी जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर पूर्णविराम लगाया जा सके।
लाखों की लूट और गंदगी का साम्राज्य - यह कथित डॉक्टर लोगों के मस्सों का ऑपरेशन करने के लिए खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल करता था और इलाज के नाम पर भारी-भरकम राशि वसूलता था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि डॉक्टर इलाज के बाद निकलने वाले मेडिकल कचरे और सामग्री को खुलेआम पास के जंगलों में फेंक देता था, जिससे पर्यावरण और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा था।
पैसों के दम पर दोबारा शुरू कर देता था धंधा - हैरानी की बात यह है कि इस फर्जी अस्पताल पर पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन आरोप है कि यह झोलाछाप डॉक्टर अपने रसूख और धन के दम पर बार-बार अपना अवैध क्लीनिक फिर से शुरू कर लेता था। चर्चा है कि फर्जी तरीके से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर इसने बैसला क्षेत्र में करीब 150 से 200 बीघा जमीन और अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है।
कलेक्टर की सख्ती से मचा हड़कंप - जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को जब इस जालसाजी और जंगलों में मेडिकल वेस्ट फेंकने की शिकायत मिली, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। उनके आदेश पर आज स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल को सील कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।प्रशासन अब इस मामले में डॉक्टर की अवैध संपत्ति और लाइसेंस की भी जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर पूर्णविराम लगाया जा सके।